BREAKING : AAP ने खोले अपने पत्ते! धूरी से भगवंत मान, लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा को टिकट
मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है
सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है
*सलीम कौसर*
उन्हें ठहरे समुंदर ने डुबोया
जिन्हें तूफ़ाँ का अंदाज़ा बहुत था
मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद
जाने क्यूँ इक ख़à...
रोज़ मिलता है आपसा कोई,
वो मगर आपसा नहीं होता.
एहतराम इस्लाम
बहुत अजीब है ये क़ुर्बतों की दूरी भी,
व...
जानता उस को हूँ दवा की तरह
चाहता उस को हूँ शिफ़ा की तरह
हक़ीर
है जिस्म सख़्त मगर दिल बहुत ही नाज़ुक है
मोहब्बत में कठिन रस्ते बहुत आसान लगते थे
पहाड़ों पर सुहुलत से चढ़ा करते थे हम दोनों।
हसन अब्बासी
तेरे जाते ही ये हुआ महसूस
आइने मुस्कुराना भूल गए
अंजुम लुधियानवी
हम बहुत पछताए आ...
तुझी पर कुछ ऐ बुत नहीं मुनहसिर
जिसे हम ने पूजा ख़ुदा कर दिया
मीर तक़ी मीर
मुदà¥...
मेरी पोशाक तो पहचान नहीं है मेरी
दिल में भी झाँक मिरी ज़ाहिरी हालत पे न जा
ऐतबार साजिद
...
कहाँ आ के रुकने थे रास्ते कहाँ मोड़ था उसे भूल जा
वो जो मिल गया उसे याद रख जो नहीं मिला उसे भूल जा
अमà...
यूँ बरसती हैं तसव्वुर में पुरानी यादें
जैसे बरसात की रिम-झिम में समाँ होता है
क़तील शिफ़ाई
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखà¥...
सर पर ये जो छत का साया होता है
दीवारों ने बोझ उठाया होता है
फख़्र अब्बास
ख़्वाब गलि...
उम्र बड़ी होती है रोने वालों की
गीली लकड़ी जलते-जलते जलती है
राजेश रेड्डी
ज़िंदगà...
लोग काँटों से बच के चलते हैं
मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं
अज्ञात
तुम हँसो तो दिन निकले चुप रहो तो रातें हैं&n...
पानी में भी चाँद सितारे उग आते हैं
आँख से दिल तक वो ज़रख़ेज़ी हो जाती है
हैदर क़ुरैशी
उड़ गए सारे परिंदे मौसमों की à...
जब वो साथ होता है
हम अकेले होते हैं
नज़ीर कै़सर
लोग काँटों से बच के चलते हैं
ਮਸ਼ਹੁਰ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਇਕ ਲੱਖਵਿੰਦਰ ਵਡਾਲੀ ਦਾ ਸੀ.ਟੀ. ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ ਵਿਚ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਲਾਈਵ ਸ਼ੋਅ
G2M ਜਾਲੰਧਰ 8 ਅਕਤੂਬਰ 2024:- ਮਿਤ...
भीड़ तन्हाइयों का मेला है
आदमी आदमी अकेला है
---- सबा अकबराबादी
जो कम-निगाह...
मैं हाथ मिलाऊं तो मिलाने नहीं देता
ये शहर मुझे दोस्त बनाने नहीं देता
मैं डाल के आया हूं गये वक़्त क...