सीधी जिले मे भ्रस्ट्राचार नही करने दूंगा चाहे पत्नी ही सरपंच क्यों न हो : यज्ञ नारायण तिवारी
मुस्कुराते रहिए,
कि ये दुआ भी है और दवा भी,
चाहे जितने भी हों अंधेरे,
ये है उजाले की वजह भी।
हर लम्हा महकेगा,
चेहरे पर जो रौनक रहेगी ,
मुस्कान आपकी,
यूँ ही सबको मजबूर करेगी।
दिल की
हर तकलीफ छिपा जाती है,
आपकी मुस्कान,
आपको सबसे खास बना जाती है।
तो बस
यूँ ही मुस्कुराते रहिए, बेखौफ, बेफिक्र,
आपके चेहरे की ये हंसी,
किसी का हौसला बन जाए ।
*कंचन श्रुता ????*


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