विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
आज 18 मार्च की गुस्ताख़ी
एक मजदूर का डियूटी के समय
पैर दुर्घटना ग्रस्त हुआ,
हर्जाने के लिए कम्पनी के खिलाफ
मुकद्दमा दर्ज हुआ।
जज महोदय ने पूछा-
'क्या लंगडा कर चलना
अब भी तुम्हारी मजबूरी है,
और लाठी के साथ ही
चलना बहुत ज़रूरी है ?"
मज़ूदर बोला-
"मेरा डाक्टर तो मुझे ठीक-ठाक कहता है
मेरा पैर भी अब ठीक रहता है,
परन्तु मेरा वकील मुझे अब भी
लाठी के साथ लंगडा कर चलने को कहता है ।" - — गुस्ताख़
Comments
No comments yet.