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देश की राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार सुबह उस वक्त मातम में बदल गया, जब यहां स्थित एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। सुबह करीब 7 बजे जब लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन मासूम लड़कियां भी शामिल हैं।
जान बचाने के लिए इमारत से कूदे लोग
आग इतनी भयावह थी कि बिल्डिंग के अंदर फंसे लोगों में चीख-पुकार मच गई। धुएं और लपटों के बीच घिरे दो लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अभी भी इमारत के भीतर फंसे लोगों और घायलों की सटीक संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़े आने शेष हैं।
फायर ब्रिगेड की 30 गाड़ियां और रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की करीब 30 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद अब तक 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। संकरी गलियों और भीषण धुएं के बावजूद बचाव दल के सदस्य हाइड्रोलिक क्रेन और सीढ़ियों की मदद से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की है।
जांच के घेरे में आग लगने का कारण
हादसे के कई घंटे बाद भी आग लगने के पुख्ता कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। शुरुआती कयास शॉर्ट सर्किट को लेकर लगाए जा रहे हैं, लेकिन संबंधित एजेंसियां और फॉरेंसिक टीमें मौके पर सुराग जुटा रही हैं। पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है कि क्या वहां आग से निपटने के उचित इंतजाम थे या नहीं।


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