ਜਿਸ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਉਸਦੇ ਮੇਨ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦਾ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ।
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा
बशीर बद्र
सच तो कह दूँ मगर इस दौर के इंसानों को
बात जो दिल से निकलती है बुरी लगती है
सलीम अहमद
नींद का रास्त छोटा है
जिस में ख़्वाब की ठोकर है
स्वप्निल तिवारी
किस ने रस्ते में चाँद रक्खा है
उस से टकरा के गिर पड़ेंगे हम
स्वप्निल तिवारी
तेरे दिन अच्छे हैं सो हमसे किनारा कर ले
हम बुरे लोग,बुरे वक़्त में काम आते हैं
ज़ारा खान
अगर तुम फ़ैसला कर लो मोहब्बत ओढ़ लेने का
तो फिर उस शाल के ऊपर सितारे मैं बनाऊँगा
खालिद नदीम शानी
इस आरज़ी दुनिया में हर बात अधूरी है
हर जीत है ला-हासिल हर मात अधूरी है
अंबरीन हसीब अंबर
उस का असर नसों में यूँ घुलता चला गया
पत्थर सा बुत बना मैं पिघलता चला गया
राघवेंद्र द्विवेदी






Login first to enter comments.