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पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया है। राज्य प्रधान गुरनाम सिंह विर्क और राज्य महासचिव तरसेम सिंह भट्ठल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक में 25 से 27 अगस्त तक अलग-अलग चरणों में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। यूनियन ने 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेकर सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तर बंद रखने की घोषणा की है।
25 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर रोष मार्च
यूनियन के फैसले के मुताबिक 25 अगस्त को प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर रोष रैलियां और मार्च निकाले जाएंगे। इस दौरान अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और सौरभ दास के पुतले फूंकने का भी ऐलान किया गया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए कर्मचारियों की मांगों और सरकार के कथित कर्मचारी विरोधी रवैये को जनता के सामने रखा जाएगा।
26 अगस्त को कामकाज का बहिष्कार
26 अगस्त को कर्मचारी अपनी सीटों से उठकर दफ्तरों में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सरकारी कामकाज का बहिष्कार किया जाएगा। यूनियन के मुताबिक कर्मचारियों की मांगों को लेकर पोस्टर, पैंफलेट और होर्डिंग लगाए जाएंगे, जबकि बाजारों में झंडा मार्च और विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेकर दफ्तर बंद रखने का ऐलान
यूनियन ने 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेने का फैसला किया है। संगठन के अनुसार इस दिन प्रदेशभर के सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी काम नहीं करेंगे और दफ्तर बंद रखे जाएंगे। यूनियन ने दावा किया है कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से भी पंजाब महाबंद को समर्थन दिया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन से की सहयोग की अपील
बैठक में राज्य नेतृत्व के अलावा विभागीय संगठनों और जिलों के प्रधान एवं महासचिव भी शामिल हुए। यूनियन ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
अब 25 से 27 अगस्त तक होने वाले इन प्रदर्शनों का सरकारी कामकाज पर कितना असर पड़ता है और सरकार की ओर से कर्मचारी संगठनों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।





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