Tue, 16 Jun 2026

पंडित विनय तिवारी वाणी

* अनुभव अमूल्य कसौटी है

* विष”प्रत्येक स्थिति में “विष” ही रहता है उसी प्रकार दुष्ट व्यक्ति का प्रभाव भी प्रत्येक काल में एक जैसा ही रहता है ।
ग़ुस्सा पीना इन्सानियत है ।सज्जनों के 

* संकल्प कल्पवृक्ष के फल की भाँति  शीघ्र परिपक्व हो जाते हैं।


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