Thursday, 29 Jan 2026

पंडित विनय तिवारी के उवाच 

* अनुभव अमूल्य कसौटी है
* ⁠मैंने समय को बर्बाद किया अब समय मुझे बर्बाद कर रहा है ।
* ⁠पूजा उचित और आवश्यक है पर उसकी सफलता और सार्थकता तभी संभव है ,जब जीवन कर्म भी उत्कृष्ट स्तर का हो | 


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