Sunday, 01 Feb 2026

"कल पार्षद जगदीश समराय के साथ बातचीत मैं"

जालंधर विक्रांत मदान 27अप्रैल 24:-कल पार्षद जगदीश समराय के साथ बातचीत मैं:- उन्हों ने कहा केवल दोआबे के ही नहीं ब्लकि पंजाब स्तर पर कांग्रेस पार्टी में लगातार पिछले करीब 32 सालों से पूरी वफादारी से लगे जगदीश राम समराये पूर्व डॉयरेक्टर पंजाब स्टेट सीड्स कारपोरेशन (पंजाब सरकार), पूर्व पार्षद एवं काफी समय से जालंधर की रिजर्व सीट जालंधर पश्चिमी हलके में सक्रियता से भूमिका निभा रहे हैं। दलित नेता जगदीश समराये ने बताया कि वह टकसाली कांग्रेस परिवार से संबंध रखते हैं और कांग्रेस पार्टी में बतौर 1990 से एक मजबूत कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं और राजनीतिक कार्यों से लेकर समाज सेवी कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने बेबाक अंदाज में कांग्रेस पार्टी में अपने सफर के शुरुआती दिनों की बात करते हुए बताया कि वह पहले मंजकी के मशहूर गांव समराये में यूथ कांगेस के प्रधान बने, उसके बाद जालंधर शहर में आ कर बस गए जहां आकर वह शहरी कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में सक्रियता से जुट गए।

 

उनकी कांग्रेस में गतीविधियों को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें जिला कांग्रेस कमेटी में सचिव, महासचिव, सीनियर उप प्रधान, जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग का कनवीनर और उसके बाद तीन बार लगातार जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग का चेयरमैन बनाया गया एवं बाद में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के कनवीनर/मीडिया इंचार्ज के रूप में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में सेवाएं दीं और समराये संसद, विधानसभा, कारपोरेशन और पंचायत में इंचार्ज और कोआर्डीनेटर की डयूटी भी बाखूबी निभा चुके हैं। विशेषतय हिमाचल प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में सिरमौर जिले के प्रशाद हलके में इंचार्ज की डियूटी भी निभा चुके हैं और पार्टी की मैंबरशिप बनाने में कई बार टार्गेट अचीव कर चुके हैं। उनकी लोकप्रियता और मेहनत का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनुसूचित जाति से होने के बावजूद उन्होंने नगर निगम के पार्षद का चुनाव जनरल सीट से जीता और बीजेपी के सीनियर और मजबूत कहे जाने वाले उम्मीदवार को हराकर पार्षद बने।

 

कांग्रेस पार्टी का काम पूरी वफादारी, उत्साह से और कांग्रेस पार्टी की ओर से चलाई गई लोक भलाई स्कीमों को घर-घर पहुंचाने के लिए बहुत मेहनत के साथ काम किया और अपनी सरकार और दूसरी सरकारों में भी लोक भलाई स्कीमों जैसे पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम, प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्ध, विधवा और विकलांग और आश्रित पेंशन स्कीम, शगुन स्कीम, एन. यू. एल. एम, सिलाई, ब्यूटीपार्लर, योगा कैंप, मैडीकल कैंप और वार्ड नं. 78 में बहुत ज्यादा काम किया क्योंकि यह वार्ड अनडेकलेयर और स्लम एरिया होने के कारण उनके पार्षद बनने से पहले यहां विकास नाम की कोई चीज ही नहीं थी। इस पर पूरी मेहनत करके वार्ड को एक नई रूपरेखा दी और वार्ड को जालंधर शहर में एक नंबर पर लाने के लिए दिन-रात एक कर दिया जिसके फलस्वरूप शहर के सभी 80 वार्डों में से वार्ड नंबर 78 को सबसे बढ़िया वार्ड चुना गया और उस समय के सी. एम. स. चरनजीत सिंह चन्नी द्वारा सर्टीफिकेट और मैडल देकर जगदीश समराये को सम्मानित किया गया। जिसके बाद देखते ही देखते कांग्रेस की सरकार में उन्हें पंजाब स्टेट सीडस कार्पोरेशन में डायरैक्टर के पद पर नियुक्त किया गया यहां भी उन्होंने अपनी योग्यता सिद्ध करते हुए बेस्ट परफार्मेंस दी और उन्हें कार्पोरेशन के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की ओर से बेस्ट परफार्मेंस डायरेक्टर का अवार्ड भी दिया गया। विशेष रूप से वर्णनीय है कि जहां जगदीश समराये पिछले लंबे समय के अनुभवी, पुराने, टकसाली नेताओं के मार्गदर्शन से पार्टी को आगे बढ़ाने से कभी पीछे नहीं हटे वहीं वो जात जमात से ऊपर उठकर युवाओं, महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ने व अन्य किसी भी गतिविधि से पीछे नहीं हटते जिससे पार्टी को मजबूती मिलती हो।

 

जहां वो पार्टी के प्रति हरदम सुचेत, सक्रिय रहते हैं वहीं वह अपने विरोधियों को भी कोई ऐसा मौका नहीं देते जिससे वे उन पर हावी हों ब्लकि समराये हमेशा विरोधियों के खिलाफ हर उस मुद्दे को अपने ही अंदाज और अलग ढंग से उठाते हैं जिससे लोगों का ध्यान आकर्षित करने में वे सफल रहते हैं। चाहे धरना-प्रदर्शन हो, पुतले फूंकना या किसी अन्य तरह का विरोध प्रदर्शन हो पंजाब में कोई भी प्रदर्शन ऐसा नहीं होता जहां समराये का सक्रिय योगदान नहीं होता।

 

पंजाब की सियासत में अत्यंत तेजी से क्रिया-प्रतिक्रिया हो रही है और ऐसे में जालंधर लोकसभा सीट में गतिविधियां सभी पार्टियों ने अचानक बढ़ा दी हैं। यूं तो जालंधर लोकसभा सीट में चुनावों में लड़ाई देखने योग्य होगी, आश्चर्यजनक होगी लेकिन वैस्ट विधान सभा का चुनाव सारी लोकसभा से हटकर और अलग और निराला भी होगा, उसके कई कारण हैं। हालांकि मौजूदा विधायक और सांसद ने अपना पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया है और कांग्रेस भी चौधरी परिवार के कारण अंदर से काफी हद तक बिखरी हुई है और आम आदमी पार्टी का अभी इस सीट पर आधार इस कदर नहीं है कि वो अपनी जीत सुनिशिचत मान कर चले।

हां ऐसे में कांग्रेस पार्टी के पास चाहे सीनियर लीडर इतने सक्रिय नहीं हैं लेकिन जालंधर लोकसभा सीट के कांग्रेस के थिंक टैंक और अनुशासित कहे जाने वाले जगदीश समराये जैसे नेता अभी भी कांग्रेस पार्टी के साथ तन-मन, धन से जुड़े हैं और उनकी समर्पित भावना इस बात को सोचने के लिए मजबूर करती है कि इतना आसान नहीं है कांग्रेस को इस बार के चुनावों में मात दे पाना।

और आख़िर मैं उनको ने  कहा:-

पिछले जिमनी चुनावी इलेक्शन में मेरे ऊपर मौजूदा सरकार के सीनियर नेताओं की ओर से हमले भी हुए उनकी परवाह न करते हुए मैं अपने वार्ड में जीत प्राप्त की और चुनाव से पहले पहले वाली सारी रात पुलिस स्टेशन में रहे और सुबह अपने वार्ड के सभी चुनावी बुथ जीत कर कांग्रेस की झोली में पाए लेकिन कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप की ओर से कोई भी किसी भी प्रकार की मदद और ना ही बाद में भी हाथ पकड़ा हम फिर भी कांग्रेस के प्रति अपनी वफादारी और प्यार के साथ खड़े हैं.


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