Sun, 01 Nov 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

कनाडा में पंजाबी मकान मालिक पर 30 हजार डॉलर का जुर्माना, घर में आग से हुई थी 2 किराएदारों की मौत

कनाडा के ओंटारियो स्थित किंग्स्टन शहर में एक पंजाबी मकान मालिक को घर में आग लगने से दो किराएदारों की मौत के मामले में 30 हजार कैनेडियन डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने 78 वर्षीय पृथ्वीपाल ददियाला को जेल भेजने के बजाय आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।

मार्च 2023 में घर में लगी थी आग

यह मामला मार्च 2023 में हुए एक हादसे से जुड़ा है। कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, आग लगने के समय घर में कुल 8 लोग मौजूद थे। आग में दो किराएदारों की मौत हो गई थी। आरोप था कि मकान मालिक ने फायर कोड से जुड़ी जरूरी शर्तों का पालन नहीं किया था।

हादसे के बाद किंग्स्टन शहर की ओर से पृथ्वीपाल ददियाला को 30 दिन की जेल और 15 हजार कैनेडियन डॉलर के जुर्माने की सजा देने की मांग की गई थी।

9 आरोपों में से 3 में दोषी

शुरुआत में पृथ्वीपाल ददियाला के खिलाफ कुल 9 चार्ज लगाए गए थे। हालांकि, कोर्ट की कार्यवाही के दौरान उन्हें 3 आरोपों में दोषी पाया गया, जिसके बाद बाकी 6 चार्ज हटा दिए गए।

शहर के वकील ने कोर्ट में कहा कि पृथ्वीपाल पर जानबूझकर किसी को नुकसान पहुंचाने का आरोप नहीं है, लेकिन मकान मालिक के तौर पर घर की स्थिति और फायर कोड के नियमों का पालन सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी थी।

बचाव पक्ष ने जेल भेजने का किया विरोध

पृथ्वीपाल ददियाला ने अपनी लापरवाही स्वीकार की है। वहीं, बचाव पक्ष के वकील मैट हॉजसन ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट की उम्र 78 साल है और उन्हें जेल भेजने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

वकील ने बताया कि शहर के बिल्डिंग डिपार्टमेंट के निर्देशों के अनुसार घर में पाई गई कमियों को दूर किया जा रहा है। इसके अलावा पृथ्वीपाल ददियाला अपनी दूसरी प्रॉपर्टीज में सुधार पर पहले ही करीब 3 लाख कैनेडियन डॉलर खर्च कर चुके हैं।

किराएदारों ने भी बताई मददगार छवि

कोर्ट में किराएदारों की ओर से लिखे गए कुछ लेटर भी पेश किए गए। इनमें पृथ्वीपाल ददियाला को लोगों की मदद करने वाला व्यक्ति बताया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि कुछ किराएदारों ने खराब परिस्थितियों के बावजूद वहां रहना स्वीकार किया, क्योंकि उनके पास रहने के लिए कोई दूसरी उचित जगह नहीं थी।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 260337

Share this Post