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पंजाब में अब घर, दुकान, बूथ या अन्य इमारतों का निर्माण पहले से अलग नियमों के तहत करना होगा। पंजाब सरकार ने बिल्डिंग निर्माण से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों में फायर सेफ्टी, पार्किंग, छत, सोलर पैनल, टॉयलेट, लिफ्ट और हाईटेंशन बिजली की तारों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
21 मीटर से ऊंची इमारतों में सभी सीढ़ियां होंगी फायर एग्जिट
नए नियमों के अनुसार 21 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों में बनी सभी सीढ़ियों को फायर एग्जिट के तौर पर तैयार करना होगा। इसका उद्देश्य आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था मजबूत करना है।
हाईटेंशन तारों के नीचे नहीं होगा निर्माण
बिल्डिंग निर्माण के दौरान ओवरहेड बिजली की तारों से निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। हाईटेंशन बिजली की तारों के ठीक नीचे किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं होगी। इससे बिजली से जुड़े हादसों के जोखिम को कम करने की कोशिश की गई है।
मेजेनाइन फ्लोर पर नहीं होगा कारोबार
दुकानों और बूथों में बनाए जाने वाले मेजेनाइन फ्लोर को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। इसका इस्तेमाल केवल सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां ग्राहकों के बैठने या कारोबार करने की अनुमति नहीं होगी। मेजेनाइन फ्लोर का क्षेत्रफल बूथ के कुल क्षेत्रफल के दो-तिहाई से अधिक नहीं हो सकेगा। साथ ही इसे FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।
छत पर सोलर पैनल लगाने को लेकर राहत
नए नियमों में छत पर सोलर पैनल लगाने को लेकर भी प्रावधान किया गया है। सोलर पैनल के नीचे अधिकतम 2.4 मीटर यानी करीब 8 फीट तक जगह रखी जा सकेगी। सोलर पैनल और उसके ढांचे को बिल्डिंग की कुल ऊंचाई और FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।
छत पर 6 वर्गमीटर तक बनाया जा सकेगा टॉयलेट
अब छत पर अधिकतम 6 वर्गमीटर यानी करीब 64.5 वर्ग फीट क्षेत्र में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर निर्धारित की गई है। यह निर्माण भी बिल्डिंग की कुल ऊंचाई और FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।
लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति
नए नियमों के तहत आवासीय और कमर्शियल समेत विभिन्न प्रकार की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी। हालांकि, लिफ्ट का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार करना जरूरी होगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और छत तक सामान पहुंचाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पार्किंग व्यवस्था में भी बदलाव
बिल्डिंग निर्माण के दौरान पार्किंग से जुड़े नियमों को भी नए प्रावधानों में शामिल किया गया है। सोसाइटी और अन्य इमारतों में पार्किंग, स्टिल्ट, लिफ्ट और क्लब हाउस से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
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