जालंधर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान को लेकर डिप्टी कमिश्नर ने पहले चरण का डेटा जारी कर दिया है। तीन अगस्त 2026 तक चले घर-घर सर्वे के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि 1,84,997 वोटरों के फॉर्म नहीं मिले हैं। इस व्यापक सर्वे में जिले के भीतर 50,520 वोटर मृत पाए गए हैं। प्रशासन द्वारा इन आंकड़ों के आधार पर वोटर लिस्ट को अपडेट करने की कार्रवाई की जा रही है।
हजारों वोटरों ने बदला पता, कई निकले अनट्रेसेबल
सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार 94,356 वोटर ऐसे पाए गए हैं जो अपने मूल पते से किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा 8,961 ऐसे मतदाता भी मिले जिनकी एंट्री दो जगह पर थी, यानी वे डुप्लीकेट वोटर के तौर पर दर्ज थे। जांच अभियान के दौरान 30,157 वोटरों का कोई सुराग नहीं मिला और वे अनट्रेसेबल रहे, जबकि 1,003 मतदाता अन्य कारणों वाली श्रेणियों में शामिल पाए गए हैं।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक
इस महत्वपूर्ण डेटा को जारी करते हुए डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी वरजीत वालिया ने बताया कि भारत चुनाव आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। वोटर सूचियों की चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के पहले चरण का घर-घर सर्वे पूरा होने के बाद जिले की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम मीटिंग की गई। इस बैठक में सभी दलों को पूरी प्रक्रिया और सामने आए आंकड़ों से अवगत कराया गया।
13 अगस्त को पब्लिश होगी ड्राफ्ट वोटर सूची
डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि 13 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर सूची पब्लिश कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी पात्र नागरिक का नाम इस ड्राफ्ट वोटर सूची में दर्ज नहीं होता है, तो उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग 13 अगस्त से लेकर 12 सितंबर के बीच फॉर्म नंबर 6 भरकर वोट बनवाने के लिए अपने चुनावकार रजिस्ट्रेशन अधिकारी या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास दोबारा अपना दावा पेश कर सकते हैं।





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