कनाडा में इमिग्रेशन नियमों को लेकर बढ़ती सख्ती का असर भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में ही 3,323 भारतीय नागरिकों को कनाडा से बाहर भेजा गया है। यह संख्या पूरे 2025 में बाहर भेजे गए 3,779 भारतीय नागरिकों के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।
अगर भारतीय नागरिकों को कनाडा से बाहर भेजे जाने की यही रफ्तार जारी रहती है, तो 2026 में पिछले साल का रिकॉर्ड टूट सकता है। खास बात यह है कि इस साल की पहली छमाही में कनाडा से बाहर भेजे गए विदेशी नागरिकों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा रही है।
मैक्सिको को पीछे छोड़ भारत बना नंबर-1
जनवरी से जून 2026 के बीच कनाडा ने 1,573 मैक्सिकन नागरिकों को भी देश से बाहर भेजा। पिछले कई वर्षों में डिपोर्ट किए जाने वाले विदेशी नागरिकों की सूची में मैक्सिको आमतौर पर सबसे ऊपर रहा है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा था। अब 2026 की पहली छमाही में भारत ने मैक्सिको को पीछे छोड़ दिया है।
इससे पहले 2020 में भी भारत इस सूची में सबसे ऊपर रहा था। उस साल कनाडा ने 1,424 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर भेजा था। इसके बाद कई वर्षों तक मैक्सिको सबसे आगे रहा और भारत दूसरे स्थान पर बना रहा।
किन मामलों में कनाडा से किया जाता है बाहर?
कनाडा के इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को देश से बाहर भेजा जा सकता है। इनमें वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी कनाडा में रहना, शरण या शरणार्थी आवेदन खारिज होना, इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन और वीजा से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति को कनाडा से बाहर भेजने का फैसला उसके व्यक्तिगत मामले और वहां के इमिग्रेशन कानूनों के तहत तय किया जाता है। इसलिए हर डिपोर्टेशन का कारण एक जैसा नहीं होता।
अस्थायी निवासियों की संख्या घटाने पर कनाडा का जोर
कनाडा पिछले कुछ समय से अपनी इमिग्रेशन व्यवस्था को सख्त कर रहा है। सरकार देश में अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने और इमिग्रेशन सिस्टम पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने पर जोर दे रही है।
इसका असर खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी विदेशी कर्मचारियों पर देखने को मिल रहा है। कनाडा सरकार का लक्ष्य देश में अस्थायी निवासियों की संख्या को नियंत्रित करना और इमिग्रेशन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना है।
2026 में टूट सकता है 2025 का रिकॉर्ड
सिर्फ छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को कनाडा से बाहर भेजे जाने के बाद अब 2026 में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ गई है। 2025 में 3,779 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर भेजा गया था। मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए अगर दूसरी छमाही में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रही, तो इस साल यह संख्या 2025 के आंकड़े से काफी आगे निकल सकती है।





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