देश में कथित NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर 'Cockroach Janata Party' (CJP) का विरोध प्रदर्शन सोमवार को तेज हो गया। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ पार्टी ने 'चलो संसद मार्च' का आह्वान किया, जिसके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और उनके अभिभावक दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।
जंतर-मंतर से हटाए गए प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर को खाली कराया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए CJP के मंच को भी हटाया। इसके साथ ही संसद भवन और कनॉट प्लेस के आसपास भी सुरक्षा के मद्देनजर भीड़ को हटाया गया।
संसद सत्र के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
संसद के मानसून सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। नई दिल्ली और संसद परिसर के आसपास भारी पुलिस बल, अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
जेपी नड्डा से मुलाकात, तीन प्रमुख मांगें रखीं
इस बीच CJP के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से करीब 10 मिनट तक मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने उन्हें लिखित रूप में अपनी मांगें सौंपीं। इनमें सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल है।





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