नशे के खात्मे के लिए युवाओ को प्रेरित करना होगा- इंजी. अरुण रत्न
50 महिलाओं को आया फोन, चार के खाते से उड़ाए 25 हजार रुपए
नौ अक्टूबर को ओंकार नगर में महिलाओं को साईबर ठगों ने किया था फोन
जालंधर (राजन) : मातृ वंदना योजना पर पोषण एप से काम कर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स ने एप का छुटेय बहिष्कार किया तो जिले की 85,173 लाभार्थी प्रभावित होंगे। ये हालात आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगों के कारण नहीं, बल्कि लाभार्थियों के साथ हो रही साइबर ठगी कारण बने हैं। तमाम शिकायतों के बाद महिला कल्याण और बाल सुरक्षा विभाग के डाटा लीकेज की समस्या हल नहीं हो रही। यही वजह है कि साइबर ठग लाभार्थी को फोन पर उनकी डिटेल बता ठगी का शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला ओंकार नगर में नौ अक्टूबर को आया, जब केवाइसी करने के बाद इलाके की 50 महिलाओं को साइबर ठगों के फोन आए। इनमें से चार महिलाएं ठगी का शिकार हुईं, उनके खाते से 25 हजार रुपये निकल गए। ओंकार नगर फगवाड़ा में है, लेकिन वहां हुए घटनाक्रम के बाद जालंधर की आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने संघर्ष शुरू कर दिया है। यूनियन ने पोषण एप पर काम करने से इंकार कर दिया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए लाभार्थों के खाते में विशेष लाभ दिया जाता है। योजना के तहत प्रसव और उसके बाद बच्चों के लिए पैसे जारी होते हैं। लाभ के लिए महिलाओं का मोबाइल से फेस स्कैन कर पूरा डाटा एप पर अपलोड किया जाता है। इसी डाटा के आधार पर साइबर ठग लाभार्थियों को फोन कर वो तमाम डिटेल बताते हैं, जो आंगनबाड़ी वर्कर ने भरी होती है। साइबर ठग लाभार्थी को आंगनबाड़ी वर्कर का नाम और उनका सेंटर तक बता देते हैं और खुद को उनका सीनियर बता और लाभ खाते में डालने के लिए ओटीपी बताने को कहते हैं।
आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की सदस्य पूनम ने बताया हालांकि महिलाओं की केवाइसी करते हुए किसी भी संदिग्ध आने पर जाल में न फंसने को कहते हैं। सामने फोन करने वाला आंगनबाड़ी वर्कर्स की ओर से पूरा लाभ न दिए जाने का तर्क देता है तो महिलाएं उनकी बातों में फंस जाती है और फिर उसके बताए मुताबिक आनलाइन लिंक से जुड़ जाती हैं और ठगी का शिकार होती हैं।


Comments
No comments yet.