ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਵਿਖੇ ਡਰਾਈਵਰ ਯੂਨੀਅਨ ਨੇ ਭਗਵਾਨ ਵਾਲਮੀਕ ਜੀ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਲੰਗਰ ਲਾਇਆ ।
*सावधान! क्या आपके घर में चीनी और नमक में माइक्रोप्लास्टिक है?*
नमक और चीनी दो ऐसी चीजें हैं जिनके बिना हमारा खाना अधूरा है। लेकिन एक नई रिसर्च में पाया गया है कि इनमें माइक्रोप्लास्टिक होते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
*रिसर्च से क्या पता चला?*
नमक और चीनी में माइक्रोप्लास्टिक की जांच करने वाली इस स्टडी में पाया गया है कि लगभग सभी भारतीय नमक और चीनी ब्रांड में माइक्रोप्लास्टिक होते हैं। प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण प्लास्टिक की चीज़ों, कपड़ों और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के ज़रिए नमक में जा सकते हैं।
*यह सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाता है?*
माइक्रोप्लास्टिक के कण शरीर में जाने पर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं, जैसे कि फेफड़ों का कैंसर, हार्ट अटैक, सूजन और इनफर्टिलिटी।
*कैसे बचें?*
नमक और चीनी के विकल्पों का इस्तेमाल करें:
- नमक की जगह टेस्टी हर्ब्स, जैसे कि बेसिल, थाइम और रोज़मेरी।
- जीरा, काली मिर्च और हल्दी जैसे इंडियन मसालों का इस्तेमाल करें।
- प्याज और लहसुन का इस्तेमाल ज़्यादा करें।
- ऑर्गेनिक और सर्टिफाइड ब्रांड का नमक खाएं।
- चीनी की जगह स्टीविया, शहद, मेपल सिरप, नारियल चीनी का इस्तेमाल करें।
- मीठे फल और खजूर का इस्तेमाल करें।
*सावधानी बरतें*
- प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल कम करें।
- प्लास्टिक की बोतलों में पानी न पिएं।
- प्लास्टिक के पैकेजिंग से बचें।
- अपने घर को प्लास्टिक मुक्त बनाएं।





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