पंजाब में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, इस दिन बंद करेंगे नेशनल हाईवे
जालंधर ()। जहां शहर की आबादी कई गुना बढ़ गई है, वहीं सफाई सेवक, सीवरमैन, ड्राइवर व अन्य दर्जा चार कर्मचारियों की संख्या बढऩे की बजाये घटती जा रही है। उसका मुख्य कारण है कि ये बेचारे गंदगी से जूझते-जूझते दुनिया से चले जाते हैं और पीछे रह जाता है बेवस परिवार। सरकारों ने वादे-दावे तो बहुत किए लेकिन किसी ने इनका हाथ नहीं थामा। इनकी मांगों पर सरकारें मौन हो जाती हैं। यह विचार नगर निगम जालंधर ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मुनीष बाबा और शम्मी लूथर ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज भी जालंधर शहर में आबादी के हिसाब से 5 हजार सफाई कर्मचारी, माली, बेलदार, ड्राइवर आदि की भर्ती होनी आवश्यक है। इसलिए हमारी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द कर्मचारियों की भर्ती करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां यह भर्ती जरूरी है वहीं शहरवासी व समाज सेवी संगठन सफाई के मामलों में कर्मचारियों का सहयोग करें और गंदगी फैलाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि साथ ही हमारी सभी मुलाजम यूनियनों व संगठनों से भी अपील है कि आपसी मतभेद भुला कर एक मंच पर इक्ट्ठा हों। क्योंकि यह केवल कर्मचारियों की भर्ती का मामला नहीं ब्लकि गंदगी और सफाई का मामला है। इस अवसर पर उनके साथ प्रदीप कुमार, रोहित खोसला, अमित गिल, रौशन लाल, सुनील कुमार, कृष्ण कुमार, जतिंद्र कुमार, रमन गिल, करन थापर, संदीप खोसला, दविंदर काली आदि मौजूद थे।






Login first to enter comments.