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ख़बरिस्तान नेटवर्क, जालंधर : शाहकोट और लोहिया इलाके बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों के घर खाली किए जा रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा पा रहा है कि तरह लोग अपने उदास मन के साथ अपने घरों को खाली कर रहे हैं। कुछ लोग सामान छत पर रख रहे हैं, तो कुछ लोग ट्रैक्टर में भरकर रहने के लिए अपना घर ढूंढ रहे हैं।
गांव के नौजवान लोगों की मदद में जुटे
हालातों की बात की जाए तो हालात बहुत बुरे हो चुके हैं जो भी चीज पानी के पास जाती वह उसकी रफ्तार की चपेट में आ जाती है, ऐसे ही एक ट्रैक्टर पानी के पास गया कि वह उसकी चपेट में आ गए, जिसको गांव के नौजवानों ने बड़ी मुश्किल से निकाला गया।
डीसी व सांसद खुद लोगों को बचाने उतरे पानी में
आपको बता दें कि बाढ़ को लेकर जालंधर में भी गंभीर हालात बने हुए हैं। जिला प्रशासन राहत बचाव कार्य के साथ मिलकर दिन-रात लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगा हुआ है। जालंधर के डीसी विशेष सारंगल और सांसद सुशील रिंकू मैदान में उतरकर लोगों को बचाने में जुटे हुए हैं।
शहर के लोगों में भी बाढ़ का डर, आधी रात बनाया बांध
प्रशासन की ओर से सूबे के अलग-अलग शहरों में पानी छोड़ने का फैसला लिया गया था। जिसके बाद बीती रात जालंधर शहर के बीचों बीच बहने वाली नहर व गंदे नाली में पानी छोड़ने का बात कही गई थी। जिसके लिए नहर के पास वाली कालोनी श्री गुरु अमरदास नगर के इलाका निवासियों ने इसका विरोध किया। उन्होंने खुद नहर पर एक बांध बनाया। बांध को न बनाने के प्रशासन की ओर से उन्हें रोका भी गया था। उसके बाद मंगलवार सुबह बांध बनाने के कारण नहर के पानी का रास्ता डाइवर्ट हो गया। जिससे गंदे नाले में पानी नहीं गया।
बांध मजबूत बनाने पहुंचे अधिकारी
मौके पर मौजूद साइट इंचार्ज अरविंद कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें नहर विभाग से कल रात को ही JE अजय बदेच, SDO प्रिंस की ओर से आदेश मिल गए थे, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ बांध को और मजबूत बनाने के लिए पहुंचे। फिलहाल अभी घबराने वाले कोई हालात नही बने है। लेकिन अगर पानी का बहाव तेज हो जाता है तो नहर का पानी सीधा जालंधर शहर में जाएगा।





