पंजाब के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड, पुलिस समेत CRPF की टीमें तैनात
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर जारी सियासी खींचतान के बीच अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले रविवार को पार्टी के दो अन्य विधायकों ने भी इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा स्पीकर को भेजे अपने इस्तीफे में राजनीति में बदलाव को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है।
इस्तीफे में 'माई-बाप कल्चर' का किया जिक्र
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति से 'माई-बाप कल्चर' को खत्म करना है। उनके इस बयान को पंजाब की मौजूदा राजनीति और पार्टी के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पार्टी के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
विधायक बनते ही AAP से शुरू हो गए थे मतभेद
कुंवर विजय प्रताप सिंह के वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद से ही आम आदमी पार्टी के साथ उनके मतभेद सामने आने लगे थे। वह पंजाब में बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड के मामलों में न्याय की मांग लगातार उठाते रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे। इन मुद्दों पर उनके रुख के चलते पार्टी नेतृत्व और उनके बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी। वह लगातार इन मामलों में कार्रवाई और जवाबदेही की मांग करते रहे।
2023 में छोड़ा था सरकारी आश्वासन कमेटी के चेयरमैन का पद
जनवरी 2023 में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सरकारी आश्वासन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी उन्होंने कई मौकों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
लगातार इस्तीफों से बढ़ी AAP की टेंशन
अब विधानसभा की सदस्यता से उनके इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पहले दो विधायकों के इस्तीफे और अब कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस कदम ने आम आदमी पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।


Comments
No comments yet.