Sat, 24 Oct 2026
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पंजाब में बिजली संकट गहराया, 3 दिन से बढ़े पावर कट; कोयले की कमी से आधी क्षमता पर चल रहे बड़े थर्मल प्लांट

पंजाब में पिछले तीन दिनों से बिजली कटौती बढ़ गई है। घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ रहे पावर कट के बीच राज्य में बिजली संकट की स्थिति बनी हुई है। पंजाब के बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने इस मामले को लेकर वीडियो जारी कर स्थिति की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में कोयले की कमी के चलते पंजाब को भी घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर में बिजली कट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

देशभर में 63 GW थर्मल पावर क्षमता प्रभावित

बिजली मंत्री के मुताबिक, देशभर में करीब 63 गीगावाट (GW) क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी से प्रभावित हुए हैं। अधिकांश निजी बिजली संयंत्रों के पास केवल 3 से 4 दिनों का कोयला स्टॉक बचा है। इसके चलते कई प्लांट अपनी कुल क्षमता के मुकाबले करीब आधी क्षमता पर बिजली उत्पादन कर रहे हैं।

राजपुरा और तलवंडी साबो प्लांट पर भी असर

तरणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि नाभा पावर लिमिटेड, राजपुरा और तलवंडी साबो पावर प्लांट, मानसा पूरी तरह केंद्र सरकार की ओर से सप्लाई किए जाने वाले कोयले पर निर्भर हैं। केंद्र से पर्याप्त कोयला नहीं मिलने के कारण दोनों बड़े थर्मल प्लांट फिलहाल अपनी आधी क्षमता पर ही बिजली पैदा कर पा रहे हैं।

इन दोनों प्लांटों की उत्पादन क्षमता प्रभावित होने का सीधा असर राज्य की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बिजली कटौती बढ़ी है।

पंजाब सरकार के कोयले वाले प्लांटों में करीब 10 दिन का स्टॉक

बिजली मंत्री ने कहा कि जिन थर्मल पावर प्लांटों को पंजाब सरकार की ओर से कोयला उपलब्ध कराया जा रहा है, उनके पास फिलहाल करीब 10 दिनों का स्टॉक मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा बिजली संकट का एक प्रमुख कारण देशभर में सामने आई कोयले की कमी है।

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