Thu, 22 Oct 2026
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सावधान! सिरप, इंजेक्शन और क्रीम के 240 सैंपल देशभर में अनसेफ घोषित, रिपोर्ट देखकर चौंक जाएंगे आप!

देशभर में दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली संस्था 'केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन' (CDSCO) की ताजा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। संस्था द्वारा की गई देशव्यापी जांच में कुल 240 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। चिंताजनक बात यह है कि फेल हुए कुल सैंपलों में से लगभग एक-तिहाई यानी 82 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग दवा उद्योगों में तैयार की गई थीं।

फार्मा हब BBN की 52 दवाएं घटिया श्रेणी में पाई गईं
हिमाचल प्रदेश में फेल हुए सैंपलों में सबसे बड़ा झटका देश के प्रमुख फार्मा हब कहे जाने वाले बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) क्षेत्र को लगा है। अकेले BBN में स्थित फैक्ट्रियों में निर्मित 52 दवाओं के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। इसके अलावा पांवटा साहिब, कालाअंब, मोगीनंद, मैहतपुर, बाथू-हरोली, नूरपुर, संसारपुर टैरेस, कुमारहट्टी और सुबाथू स्थित दवा इकाइयों में निर्मित दवाएं भी मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं, जिससे फार्मा उद्योगों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हार्ट, बीपी, शुगर और इंफेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल
गुणवत्ता जांच में जिन दवाओं के सैंपल फेल घोषित किए गए हैं, उनका उपयोग रोजाना लाखों मरीज करते हैं। इनमें हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बुखार, दर्द, बैक्टीरियल इंफेक्शन, गैस-एसिडिटी, एनीमिया और एलर्जी के इलाज में काम आने वाली दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा दैनिक स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होने वाले विटामिन और कैल्शियम के सैंपल भी सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं।

टैबलेट से लेकर सिरप और इंजेक्शन तक असुरक्षित
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, गुणवत्ता में नाकाम रहने वाली इन दवाओं में केवल गोलियां (टैबलेट्स) ही नहीं, बल्कि मरीजों को दिए जाने वाले इंजेक्शन, सिरप, मेडिकेटेड क्रीम और जेल भी शामिल हैं। सीडीएससीओ की जुलाई ड्रग अलर्ट रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि अमानक और घटिया गुणवत्ता वाली इन दवाओं का सेवन मरीजों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल और गंभीर असर डाल सकता है।

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