ਪ੍ਰੋ. ਅਨੁਰਾਧਾ ਬੰਗਾ ਨੇ ਵਾਰਡ ਨੰਬਰ 39 ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਜਬਰਦਸਤ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ ।
इंडस्ट्रियल हब लुधियाना में तिब्बत की स्वाधीनता की मांग को लेकर एक भव्य और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस शांति मार्च में करीब 500 से अधिक तिब्बती नागरिकों ने हिस्सा लिया, जो हाथों में तिब्बत का राष्ट्रीय ध्वज और मांग से जुड़े बैनर-पोस्टर लेकर चल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार आवाज में 'तिब्बत को आजादी दो' के नारे लगाए। इस पूरे आंदोलन को लुधियाना के स्थानीय होजरी कारोबारियों ने भी अपना पूरा समर्थन दिया, जिससे प्रदर्शन को और बल मिला।
शहीद लोबंगा रागजेन की स्मृति में वैश्विक प्रदर्शन का हिस्सा यह शांति मार्च युवा कांग्रेस और तिब्बती संगठनों द्वारा शहीद लोबंगा रागजेन के सम्मान में आयोजित वैश्विक विरोध प्रदर्शनों की कड़ी का एक हिस्सा था। शहीद लोबंगा रागजेन ने संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) मुख्यालय के समक्ष आत्मदाह करके दुनिया का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था कि तिब्बत एक कब्जाया हुआ भूभाग है और वहां के नागरिक आज भी अपनी स्वतंत्रता के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। इसी ऐतिहासिक संघर्ष को याद दिलाते हुए विभिन्न राज्यों से आए तिब्बती होजरी व्यापारियों ने लुधियाना की सड़कों पर शांति मार्च निकाला।
चीन के एथनिक यूनिटी लॉ को खारिज करने का ऐलान प्रदर्शन के दौरान तिब्बती संगठनों ने चीन सरकार द्वारा 1 जुलाई को लागू किए गए तथाकथित 'एथनिक यूनिटी लॉ' को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह कानून तिब्बती संस्कृति और पहचान को मिटाने की एक चाल है। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि धर्मशाला से शुरू हुआ यह आंदोलन, जिसमें भूख हड़ताल, कैंडल मार्च और रैलियां शामिल हैं, तब तक दुनिया भर में जारी रहेगा जब तक कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय चीन के खिलाफ कोई सख्त और ठोस कदम नहीं उठा लेता।
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