Mon, 17 Aug 2026
Post Details

पंजाब में फिर गरमाया माहौल, 21 अगस्त को बंद का ऐलान; सिख बंदियों की रिहाई की मांग

पंजाब बंद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। मोर्चा नेताओं ने पंजाब के सामाजिक, धार्मिक और कारोबारी संगठनों से बंद के समर्थन में आगे आने की अपील की है। यह बंद सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई समेत अन्य मांगों को लेकर बुलाया गया है।

सिख बंदियों की रिहाई प्रमुख मांग

कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख मांगों में सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई शामिल है। इसके अलावा मोर्चा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी उठाई है। नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए पंजाब बंद का आह्वान किया गया है।

चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव

इससे पहले 15 अगस्त को चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चा की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने मोहाली से गवर्नर हाउस की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने ड्रोन और अन्य माध्यमों से आंसू गैस के गोले दागे। बताया गया कि इसके बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे।

सिमरनजीत सिंह मान समेत कई नेता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस दौरान सिमरनजीत सिंह मान घायल अवस्था में भी नजर आए। प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने एहतियातन बॉर्डर सील कर दिए थे।

प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाने के लिए ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई है।

21 अगस्त के बंद को लेकर प्रशासन की बढ़ी चिंता

चंडीगढ़ में हुए टकराव के बाद अब 21 अगस्त को प्रस्तावित पंजाब बंद को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कौमी इंसाफ मोर्चा के नेताओं ने अपील की है कि पंजाब के सभी सामाजिक, धार्मिक और कारोबारी संगठन सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर बंद का समर्थन करें।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 195574