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हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। राज्य सरकार ने ईंधन पर ‘ऑर्फन एंड विडो सेस’ लागू किया है, जिसके चलते रात 12 बजे से पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया। ईंधन की कीमत बढ़ने का असर आम लोगों के साथ-साथ राज्य के पर्यटन कारोबार पर भी पड़ने की संभावना है।
शिमला में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
सेस लागू होने के बाद शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.48 रुपये से बढ़कर 103.08 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, हाई स्पीड डीजल 94.67 रुपये से बढ़कर 95.27 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। हिमाचल घूमने के लिए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में ईंधन की कीमत बढ़ने से पर्यटकों का यात्रा खर्च भी बढ़ सकता है। पहाड़ों की सैर के लिए आने वाले लोगों को अब वाहन के ईंधन पर पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
अनाथ बच्चों और विधवाओं पर खर्च होगा सेस
राज्य सरकार ने अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर यह सेस लगाया है। सरकार के मुताबिक, सेस से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से स्थानीय परिवहन और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, पर्यटन क्षेत्र में भी वाहन संचालन की लागत बढ़ने से यात्रियों के कुल यात्रा खर्च में इजाफा होने की संभावना है।
पर्यटन पर पड़ सकता है असर
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन उद्योग बड़ी संख्या में पर्यटकों और सड़क परिवहन पर निर्भर है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से टैक्सी, कैब और अन्य वाहनों के संचालन की लागत बढ़ सकती है। इसका सीधा असर पर्यटकों के यात्रा बजट पर पड़ने की संभावना है।





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