Mon, 03 Aug 2026
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बेहतर नींद के घरेलू उपाय

नींद न आना या टूटी-फूटी नींद आजकल आम है। स्क्रीन टाइम ज्यादा, तनाव, चाय-कॉफी लेट पीना, अनियमित समय इसकी बड़ी वजह हैं।  

कुछ घरेलू आदतें नींद सुधार सकती हैं। इन्हें सही तरीके से अपनाएं।

 

_❖ 1. हल्का गुनगुना दूध + हल्दी/दालचीनी_  

_◆ कैसे मदद करता है_: गुनगुना दूध ट्रिप्टोफान बढ़ाता है जो मेलाटोनिन यानी नींद का हार्मोन बनाने में मदद करता है। हल्दी/दालचीनी शरीर को रिलैक्स करती है।  

_◆ इस्तेमाल का तरीका_: सोने से 45-60 मिनट पहले 1 कप गुनगुना दूध लें। चुटकी भर हल्दी या दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं। शहद चाहें तो हल्का गुनगुना होने पर मिलाएं।  

_◆ ध्यान दें_: लैक्टोज इंटॉलरेंस है तो बादाम/ओट्स मिल्क ले सकते हैं। रिफ्लक्स/एसिडिटी है तो सोने के तुरंत पहले दूध न पिएं।

 

_❖ 2. अश्वगंधा/ब्राह्मी चाय_  

_◆ कैसे मदद करती है_: अश्वगंधा कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन कम करती है। ब्राह्मी दिमाग को शांत करती है। दोनों ही अनिद्रा में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होती हैं।  

_◆ इस्तेमाल का तरीका_: 1 कप पानी में 1/2 चम्मच अश्वगंधा पाउडर या ब्राह्मी पत्ती 5 मिनट उबालें। छानकर सोने से 30-40 मिनट पहले पिएं।  

_◆ ध्यान दें_: थायरॉइड, गर्भावस्था, या नींद/तनाव की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से पूछकर लें। रोज बहुत ज्यादा मात्रा न लें।

 

_❖ 3. पैर सिकाई + गहरी सांस_  

_◆ कैसे मदद करती है_: पैर गर्म करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर का कोर टेम्परेचर गिरता है। कोर टेम्परेचर गिरना नींद आने का सिग्नल है। 4-7-8 सांस से नर्वस सिस्टम शांत होता है।  

_◆ इस्तेमाल का तरीका_: सोने से पहले 10 मिनट पैर गुनगुने पानी में रखें या गर्म मोजे पहनें। बिस्तर पर लेटकर 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें, 8 सेकंड में छोड़ें। 4-5 बार दोहराएं।  

_◆ ध्यान दें_: शुगर/न्यूरोपैथी है तो पानी बहुत गर्म न करें।

 

_❖ 4. सोने-जागने का फिक्स टाइम_  

_◆ कैसे मदद करता है_: हमारा शरीर सर्केडियन रिदम पर चलता है। रोज एक ही समय सोने-उठने से मेलाटोनिन टाइम पर रिलीज होता है और नींद गहरी आती है।  

_◆ इस्तेमाल का तरीका_: रोज रात 10:30-11 बजे बिस्तर और सुबह 6-6:30 बजे उठने का रूटीन बनाएं। वीकेंड पर भी 1 घंटे से ज्यादा हेरफेर न करें। दिन में 20 मिनट से ज्यादा झपकी न लें।  

_◆ ध्यान दें_: 2-3 हफ्ते लगातार करने पर ही असर दिखेगा।

 

_❖ कब डॉक्टर को दिखाएं_  

अगर 3 महीने से ज्यादा रात-रात भर नींद न आए, दिन में तेज झपकी/सांस रुकने लगे, खर्राटे के साथ दम घुटे, या पैर बार-बार हिलें तो डॉक्टर से सलाह लें। ये इंसोम्निया, स्लीप एपनिया या RLS के संकेत हो सकते हैं।

 

_◆ साथ में ये आदतें भी अपनाएं:_ सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल/लैपटॉप बंद, कमरे को अंधेरा-ठंडा रखें, शाम 4 बजे के बाद चाय-कॉफी न पिएं, और रोज 20-30 मिनट धूप/टहलना करें।

Kanchan Sabharwal 

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