पूजा करने का कोई सिद्धांत नहीं है ,परमात्मा हर उस दिल की सुनता है जो पवित्र निर्दोष और ईमानदार है ।
मानव मात्र के प्रति कल्याण व दया की भावना रखना ही वास्तविक धर्म है |
ईश्वर पर आस्था रखिए अन्धविश्वास नहीं आप कभी निराश नहीं होंगे ।
पूजा करने का कोई सिद्धांत नहीं है ,परमात्मा हर उस दिल की सुनता है जो पवित्र निर्दोष और ईमानदार है ।
मानव मात्र के प्रति कल्याण व दया की भावना रखना ही वास्तविक धर्म है |
ईश्वर पर आस्था रखिए अन्धविश्वास नहीं आप कभी निराश नहीं होंगे ।
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