सऊदी अरब ने ईरान को ललकारा, कहा- हमारे सब्र का इम्तिहान न ले तेहरान, हर हमले का मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब के यनबू पोर्ट स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है। इसके साथ ही UAE और कतर के तेल और गैस ठिकानों पर भी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है। इन हमलों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, खासतौर पर तब जब ईरान पहले ही इन देशों को अपने ऊर्जा ठिकाने खाली करने की चेतावनी दे चुका था।
सऊदी अरब की कड़ी चेतावनी, जवाब देने की तैयारी
हमलों के बाद सऊदी अरब ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। सऊदी के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल ने कहा कि देश के पास जवाब देने की पूरी क्षमता है और ईरान के हमले पहले से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगते हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी के सब्र की परीक्षा न ली जाए। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण अब ज्यादातर तेल की सप्लाई यनबू पोर्ट के जरिए की जा रही है।
IRGC की धमकी, हमले जारी रहने की चेतावनी
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों का जवाब अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर दोबारा हमला हुआ, तो जवाब और अधिक खतरनाक होगा और दुश्मनों के ऊर्जा ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया जाएगा।
पीएम मोदी ने 24 घंटे में कई नेताओं से बातचीत
इस बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने अनवर इब्राहिम से बातचीत कर मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा की और शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। इसके अलावा मोदी ने पिछले 24 घंटे में ओमान, कुवैत और फ्रांस के नेताओं से भी बातचीत की है।
ओमान ने बताया युद्ध को बड़ी गलती
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने इस संघर्ष को अमेरिका की बड़ी गलती बताया है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर साफ दिख रहा है। वहीं ब्रिटिश मैगजीन The Economist में लिखे अपने लेख में उन्होंने इसे ‘गैरकानूनी युद्ध’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसे खत्म कराने की अपील की।


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