जालंधर के एयरपोर्ट को मिली नई पहचान, अब कहलाएगा श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किर स्टार्मर ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नाबालिगों की पहुंच सीमित करने की दिशा में कदम उठाएगी। स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि यदि कंपनियां इस फैसले का विरोध भी करती हैं, तब भी सरकार बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।
बच्चों की खुशी और मानसिक स्वास्थ्य से समझौता नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उनका बचपन सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों की खुशी और सुरक्षित विकास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग का असर बच्चों के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर पड़ सकता है।
ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
ब्रिटिश सरकार लंबे समय से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंतित रही है। विशेषज्ञों की रिपोर्टों में भी सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल को चिंता, तनाव, आत्मसम्मान में कमी और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए प्रतिबंधों और नियमों पर विचार किया जा रहा है।
कई देशों ने पहले ही उठाए हैं ऐसे कदम
इस फैसले के साथ ब्रिटेन उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम लागू कर रहे हैं। इससे पहले Australia, Canada, Brazil और Indonesia भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर आयु-आधारित प्रतिबंध या नियम लागू करने की दिशा में कदम उठा चुके हैं।
सोशल मीडिया कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की आयु सत्यापित करने और नाबालिगों की पहुंच नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ सकते हैं। सरकार का उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, ताकि उनका मानसिक और सामाजिक विकास प्रभावित न हो।
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