जालंधर के एयरपोर्ट को मिली नई पहचान, अब कहलाएगा श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा
केंद्र सरकार ने देश की सीमाओं के पास स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों और परिसंपत्तियों पर संभावित ड्रोन हमलों को लेकर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विंग ने जमीन और समुद्री सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने पर जोर
मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सीमा के निकट मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों को ड्रोन खतरों से बचाने के लिए जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। इसके तहत एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए दुश्मन ड्रोन महत्वपूर्ण ढांचों और सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं सक्रिय
चेतावनी जारी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां देशभर के संवेदनशील और रणनीतिक महत्व वाले ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। विभिन्न एजेंसियों को संभावित ड्रोन खतरों से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए BSF के तहत एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति का दायित्व भारत के लिए उपयुक्त एंटी-ड्रोन सिस्टम की जांच, मूल्यांकन और स्वीकृति सुनिश्चित करना है।
पंजाब सीमा पर शुरू हो चुके हैं ट्रायल
पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती की तैयारी की जा रही है। इसके लिए परीक्षण प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन प्रणालियों की तैनाती से सीमा पार से होने वाली संभावित ड्रोन गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण संभव हो सकेगा।
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