सुरेन्द्र दुबे भोपाल 9425179527 मध्य प्रदेश का औद्योगिक शहर पीथमपुर आज गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। क्षेत्र में स्थित कई औद्योगिक इकाइयों द्वारा अत्यधिक धुआं और रासायनिक अपशिष्ट छोड़े जाने के कारण वायु और जल दोनों प्रदूषित हो चुके हैं। इसका सीधा प्रभाव यहां के नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है—सांस संबंधी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई करते हैं। कुछ दिनों के लिए फैक्ट्रियों में धुआं कम हो जाता है, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है।
कानून के अनुसार यदि कोई उद्योग निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाता है तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग को उस पर जुर्माना लगाने या उसे बंद करने का अधिकार है। फिर भी, यदि नियमों का पालन नहीं हो रहा, तो यह प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत का संकेत देता है।
अब समय आ गया है कि:
प्रदूषण स्तर की नियमित और पारदर्शी जांच हो
रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
दोषी उद्योगों पर सख्त कार्रवाई हो
नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं
पीथमपुर के लोगों को स्वच्छ हवा और शुद्ध पानी का अधिकार है। प्रशासन, उद्योग और जनता—तीनों को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा। पंडित अनिल द्विवेदी समाजसेवी पीथमपुर जिला धार मध्य प्रदेश



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