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पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. के अनुबंध (कच्चे) कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जत्थेबंदी के आह्वान पर 21 अक्टूबर से लगातार जारी सफल हड़ताल और धरने के बाद, सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही आम जनता को बड़ी राहत देते हुए बस सेवाओं को भी पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है।
परिवहन मंत्री के साथ हुई पैनल मीटिंग में बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, आज 24 अक्टूबर को पी.आर.टी.सी. हेड ऑफिस में पंजाब के माननीय ट्रांसपोर्ट मंत्री के साथ यूनियन नेताओं और वर्कर साथियों की एक उच्चस्तरीय पैनल मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में कर्मचारियों की मुख्य मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसके बाद जत्थेबंदी ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया।
26 और 27 अक्टूबर को बांटे जाएंगे ज्वाइनिंग पत्र
मीटिंग के दौरान लिए गए फैसलों के तहत, सरकार ने जत्थेबंदी की मांगों को तुरंत लागू करते हुए घोषणा की है कि आगामी 26 और 27 अक्टूबर को ट्रांसपोर्ट मंत्री खुद आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने और ज्वाइन करवाने के लिए नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) सौंपेंगे। वहीं, अन्य शेष मांगों पर आगामी 29 अक्टूबर को होने वाली अगली मीटिंग में अंतिम फैसला लेने के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है।
सरकार को चेतावनी: मांगें न मानी तो फिर होगा कड़ा विरोध
भले ही फिलहाल कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी हो, लेकिन उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी भी दी है। यूनियनों ने कहा है कि यदि 29 अक्टूबर तक तय की गई सभी मांगों को अमलीजामा नहीं पहनाया गया, तो वे एक बार फिर से हड़ताल और धरने जैसे तीखे विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और विभाग के संबंधित अधिकारियों की होगी।





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