पंजाब पुलिस पर पीड़ितों को धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों की भी हो जांच : अनुराधा वंगा
जालंधर, 7 अक्टूबर (सोनू) : पंजाब में बलात्कार, किडनैपिंग और धमकाने जैसे गंभीर मामलों में कथित भ्रष्टाचार और आरोपियों को राहत देने के बदले ₹5 करोड़ की कथित रिश्वत से जुड़े आरोपों को लेकर महिला कांग्रेस ने पंजाब सरकार को घेरा है। बुधवार को कांग्रेस भवन जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जालंधर महिला कांग्रेस की शहरी जिला अध्यक्ष अनुराधा बंगा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं वार्ड नंबर 30 की पार्षद डॉ. जसलीन सेठी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।
अनुराधा बंगा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े लगाए जा रहे ₹5 करोड़ की कथित रिश्वत के आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें राजनीतिक आरोप कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि बलात्कार जैसे संवेदनशील मामलों में आरोपियों को कथित तौर पर राहत देने के लिए पैसे मांगने और लेने के आरोप सामने आए हैं, तो इसकी तह तक जाना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जिस मामले में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों पर सवाल उठ रहे हों, उसकी जांच पंजाब पुलिस से करवाना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इसलिए इस मामले की जांच CBI, किसी केंद्रीय जांच एजेंसी या हाईकोर्ट के मौजूदा जज से करवाई जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय और जनता को सच्चाई मिल सके।
अनुराधा बंगा ने कहा कि अदालत और राष्ट्रीय महिला आयोग की इस मामले में सक्रियता के बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस पर सहयोग करने की बजाय धमकाने, घर से CCTV फुटेज ले जाने और पीड़िता की कथित आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह केवल भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और कानून के राज से जुड़ा बेहद गंभीर सवाल है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी से मांग की कि वे राजनीतिक या पारिवारिक प्रभाव से ऊपर उठकर पीड़ितों के साथ खड़े हों और निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करें।
डॉ. जसलीन सेठी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा CBI की कार्रवाई को लेकर किया जा रहा विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत हुई है, तो सवाल CBI पर उठाने की बजाय उन परिस्थितियों पर उठने चाहिए जिनके कारण मामला केंद्रीय एजेंसी तक पहुंचा।
डॉ. सेठी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बताने से पहले पंजाब सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि उसके अपने पुलिस और विजिलेंस तंत्र ने भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि अपने प्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश में सरकार ने अगर संस्थागत जांच व्यवस्था पर ही भरोसा खो दिया है, तो इसका नुकसान अब सीधे सरकार की विश्वसनीयता को हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बलात्कार और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक या प्रशासनिक शह की संभावना लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने मांग की कि ₹5 करोड़ की कथित रिश्वत, आरोपियों को कथित राहत, पीड़ित परिवार पर दबाव, CCTV फुटेज लिए जाने और अन्य लगाए गए आरोपों की एक स्वतंत्र, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
डॉ. सेठी ने कहा कि अगर सरकार को अपने तंत्र पर भरोसा है तो उसे तुरंत स्वतंत्र जांच की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आने से न तो पीड़ितों को डरना चाहिए और न ही सरकार को।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस जालंधर से मनदीप कौर, शबनम, गुरमीत जॅसी, रणजीत कौर, सुखविंदर कैले, रविना बंगा और राखी शर्मा सहित अन्य महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थीं।





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