Thu, 08 Oct 2026
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GMADA की सील शाखाएं खोलने की मांग, ED को नोटिस; 28 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई

मोहाली के फेज-8 स्थित GMADA के मुख्य कार्यालय में ED की कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

50 घंटे तक चली थी ED की कार्रवाई
दरअसल, ED की टीम ने 22 से 24 सितंबर के बीच करीब 50 घंटे तक GMADA के मुख्य कार्यालय में कार्रवाई की थी। पंजाब सरकार की ओर से GMADA के जरिए इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ED ने बिना सर्च वारंट के कार्यालय में तलाशी ली और बड़ी मात्रा में जरूरी सरकारी दस्तावेज अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान कार्यालय के रिकॉर्ड के 30 से ज्यादा बैग जब्त किए जाने का भी दावा किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डेटा कॉपी करने का दावा
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि ED की कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा कॉपी किया गया। पंजाब सरकार ने इस कथित तौर पर कॉपी किए गए डेटा के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग हाईकोर्ट से की है। याचिका में ED पर अपने अधिकारों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में रखे जाने के मुद्दे पर भी दलील दी गई है।

238 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड से जुड़ी जांच
याचिका के मुताबिक, ED की कार्रवाई तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स से जुड़े 238 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच से संबंधित बताई गई है। GMADA और पंजाब सरकार का कहना है कि इस मामले की FIR में पंजाब सरकार के किसी अधिकारी या GMADA के किसी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। इसी आधार पर याचिका में ED की तलाशी और सर्वे की मंजूरी को रद्द करने की मांग की गई है।

सील की गई शाखाओं को खोलने की भी मांग
याचिका में दावा किया गया है कि ED की कार्रवाई के दौरान GMADA की कई शाखाओं को सील कर दिया गया था। ये शाखाएं कार्रवाई के बाद से बंद हैं। पंजाब सरकार ने इन शाखाओं को दोबारा खोलने की अनुमति देने की भी मांग हाईकोर्ट से की है। इसके अलावा याचिका में ED की ओर से जब्त किए गए रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से संबंधित राहत की भी मांग की गई है।

ED ने मांगा दो सप्ताह का समय
बुधवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और ED की ओर से भी वकील अदालत में पेश हुए। उनकी तरफ से मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने ED को 15 दिन में जवाब देने के निर्देश दिए और मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय कर दी।

पंजाब सरकार की ओर से दायर इस याचिका को हाईकोर्ट की ‘जरूरी सुनवाई वाली सूची’ में शामिल किया गया है। अब अगली सुनवाई में ED का जवाब सामने आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

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