पंजाब के बहुचर्चित 6000 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग्स मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को विशेष जांच टीम (SIT) के सामने पेश नहीं हुए। पटियाला पुलिस लाइन्स में मजीठिया की जगह उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर SIT के समक्ष पहुंचे।
मजीठिया और जगदीश भोला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने इस केस के मुख्य आरोपी और बर्खास्त डीएसपी जगदीश भोला को भी समन भेजा था। पुलिस टीम दोनों को एक साथ आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की योजना बना रही थी। हालांकि, जगदीश भोला भी एसआईटी के सामने उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते फिलहाल आमने-सामने की पूछताछ टल गई है।
जानिए क्या है ₹6000 करोड़ का सिंथेटिक ड्रग मामला
साल 2013 में पंजाब पुलिस ने राज्य में चल रहे 6000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। इस जांच के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ-साथ अवैध हथियार और विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई थी। इस पूरे गिरोह के मुख्य सूत्रधार के रूप में पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान और पंजाब पुलिस के तत्कालीन डीएसपी जगदीश भोला को गिरफ्तार किया गया था।
भोला के खुलासे से गरमाई थी राज्य की राजनीति
पूछताछ के दौरान जगदीश भोला द्वारा बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिए जाने के बाद यह मामला पंजाब की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया था। इसके बाद से ही मजीठिया लगातार विरोधी दलों के निशाने पर रहे हैं। अब एसआईटी दोनों को एक साथ बैठाकर नए सिरे से तथ्यों की पड़ताल करने में जुटी है, जिसके लिए उन्हें दोबारा समन जारी किया जा सकता है।





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