बरनाला में 5 साल के बच्चे से हैवानियत! चाची ने गर्म तवे-चिमटे से दागा, डंडों से पीटा
देशभर में बैंक यूनियनों की ओर से अपनी लंबित मांगों को लेकर आज हड़ताल की जा रही है। हड़ताल का असर जालंधर में भी देखने को मिल रहा है, जहां सरकारी बैंकों की कई शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ है। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बैंक शाखाओं में पहुंचे ग्राहकों को कई बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार और बैंक मैनेजमेंट के खिलाफ उठाई मांगें
PNB स्टाफ यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी विनोद शर्मा ने बताया कि देशभर में बैंक कर्मचारियों की ओर से हड़ताल रखी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार और बैंक मैनेजमेंट से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल के जरिए कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर अभी तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है।
5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग
विनोद शर्मा ने बताया कि बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना शामिल है। इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई करने समेत अन्य मुद्दों को भी सरकार और बैंक मैनेजमेंट के सामने रखा गया है। सरकार की ओर से साल 2024 में 5 दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने को लेकर सहमति जताई गई थी, लेकिन अब इस मामले में टालमटौल की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी होगी हड़ताल
PNB स्टाफ यूनियन के पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आने वाले दिनों में भी हड़ताल की जा सकती है। उन्होंने 28, 29 और 30 तारीख को प्रस्तावित हड़ताल का भी जिक्र किया। बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के कारण आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर और बढ़ने की संभावना है।
Comments
No comments yet.