अमेरिका में एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा, रनवे से बाहर निकला प्लेन; 5 की मौत की खबर
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर हुए इमारत हादसे के बाद सोमवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद हुआ है। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। राहत और बचाव टीमों ने अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि 5 गंभीर घायलों को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है।
मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल रेस्क्यू डॉग और विशेष कैमरों की मदद से मलबे के अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव एजेंसियों की टीमें तैनात हैं और मलबे के हर हिस्से की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।
मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस
हादसे के बाद इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन किया गया है। हरिराम बंसल के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, इमारत की देखरेख में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने समेत अन्य आरोपों के तहत केस दर्ज किया है।
रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था हादसा
यह हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। हादसे में करीब 40 साल पुरानी इमारत अचानक ढह गई और बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। दिल्ली नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, हादसे वाली इमारत को पहले खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। हादसे के कारणों के साथ-साथ इमारत की स्थिति, निर्माण और संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
वहीं दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि 4 मंजिल से अधिक ऊंचे सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर उन्हें बर्खास्त करने की बात कही है। वहीं, 6 सितंबर को जारी MCD के आदेश के तहत सत्य निकेतन में मौजूद जर्जर और खतरनाक इमारतों को गिराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने इलाके में मौजूद ऐसी इमारतों को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है।
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