Thu, 22 Oct 2026
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पंजाब में बिजली कटौती का खतरा बढ़ा, थर्मल प्लांटों में तेजी से खत्म हो रहा कोयला

जाब इस समय गंभीर बिजली संकट के मुहाने पर खड़ा है और आम जनता को लगातार लंबे पावर कट झेलने पड़ रहे हैं। राज्य के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सोंध के अनुसार निजी थर्मल प्लांटों के पास अब सिर्फ तीन दिनों का कोयला शेष बचा है, जबकि सरकारी थर्मल प्लांटों के पास आठ से दस दिन का स्टॉक मौजूद है।

कोयले की खेप न आने पर पैदा होगा बिजली संकट
ऐसे में यदि अगले तीन दिनों के भीतर कोयले की नई खेप नहीं पहुंचती है, तो निजी प्लांटों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो जाएगा और राज्य में बिजली संकट बेहद भयावह रूप ले सकता है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद सरकार और पावरकॉम की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था या कोयले की सप्लाई शुरू होने की समय-सीमा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

मांग और उत्पादन में भारी अंतर
सप्लाई में आ रही बाधाओं के चलते राज्य के थर्मल प्लांट फिलहाल अपनी क्षमता से आधे पर काम करने को मजबूर हैं। आज भी सरकारी थर्मल प्लांटों के दो यूनिट पूरी तरह बंद पड़े हैं, हालांकि दो दिन पहले तक यह संख्या 6 तक पहुंच गई थी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में इस समय बिजली की कुल मांग करीब 15,900 मेगावाट दर्ज की गई है, जिसके मुकाबले राज्य का अपना आंतरिक उत्पादन महज 4,862 मेगावाट ही हो पा रहा है। इस विशाल अंतर को कम के लिए पावरकॉम को केंद्रीय पूल से प्रतिदिन लगभग 11,100 मेगावाट बिजली भारी कीमतों पर खरीदनी पड़ रही है, जिससे राज्य के खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।

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