शिक्षकों के धरने से बेअदबी कानून तक, परगट सिंह ने उठाए कई मुद्दे; 9 मिनट में खत्म हुआ सत्र
पंजाब विधानसभा के सत्र का पहला दिन गुरुवार को महज 9 मिनट में समाप्त होने पर पंजाब कांग्रेस प्रधान परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का सामना करने के बजाय सदन की कार्यवाही खत्म करके चली गई। परगट सिंह ने कहा कि विधानसभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाने थे, लेकिन सरकार ने उन पर जवाब नहीं दिया।
झोटा को न्याय और पुलिस से जुड़े मामलों पर उठाए सवाल
परगट सिंह ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर शहीद परमिंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि पांच पुलिस मामलों का सामना कर रहे एक आरोपी को हथियार का लाइसेंस कैसे मिल गया। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2021 में प्रतिबंधित कैप्सूलों की कथित खुलेआम बिक्री का मुद्दा भी उठाया। इन मामलों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए था।
बेअदबी कानून से लेकर शिक्षकों के धरनों तक का जिक्र
परगट सिंह ने अपने बयान में बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन की मांग का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की सामूहिक छुट्टी और विभिन्न वर्गों के शिक्षकों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षकों, ETT शिक्षकों और प्रोफेसरों की ओर से किए जा रहे धरनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर भी विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए थी।
नशा तस्करी और किसानों की मांगों पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता ने मानसा में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे धरने और किसानों की मांगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन गंभीर विषयों पर चर्चा करने से बच रही है। परगट सिंह ने कहा कि सरकार केवल अपने एजेंडे के मुताबिक काम करती है और जब सदन में बहस की स्थिति आती है तो पीछे हट जाती है। पंजाब में AAP सरकार के कार्यकाल के अब केवल आखिरी तीन महीने शेष हैं।
प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य विधायक भी रहे मौजूद
इस दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और अन्य विधायक भी मौजूद थे। विधानसभा सत्र की कार्यवाही महज 9 मिनट में समाप्त होने को लेकर कांग्रेस नेता ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।





Comments
No comments yet.