'एक-एक हजार देकर महिलाओं की इज्जत लूटनी है', मलूका के बयान पर पंजाब में बवाल
पंजाब के पूर्व अकाली मंत्री सिकंदर सिंह मलूका की महिलाओं को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बठिंडा के रामपुरा फूल में सवाल का जवाब देते हुए मलूका ने आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजना पर विवादित टिप्पणी की थी।
महिला आयोग ने मलूका को किया तलब
पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखकर मामले की जांच एसपी रैंक के अधिकारी से करवाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने 23 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके अलावा, मलूका को भी आयोग के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया गया है।
मलूका की टिप्पणी पर क्यों मचा विवाद?
यह मामला बठिंडा के रामपुरा फूल में आयोजित महिलाओं से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान का बताया जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल हुए सिकंदर सिंह मलूका से पत्रकार ने पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना के बारे में सवाल किया था।
पत्रकार ने पूछा था कि आम आदमी पार्टी सरकार महिलाओं को हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये तक की आर्थिक सहायता देने के अपने वादे को पूरा करने की बात कह रही है। इस सवाल के जवाब में मलूका ने कथित तौर पर कहा कि सरकार महिलाओं को एक-एक हजार रुपये देकर उनकी इज्जत लूटना चाहती है। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया।





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