ये क्या बोल गए मंत्री मोहिंदर भगत जी! रामायण की कहानी ही पलट दी, वीडियो वायरल हुआ तो देने लगे सफाई
पंजाब के चर्चित नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथों में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने नई एफआईआर दर्ज कर ली है और सीनियर डीआईजी की अगुवाई में जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में सीबीआई की टीम मानसा पहुंची और मृतक के परिवार से मिलकर उनके बयान दर्ज किए।
हालांकि, घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। मानसा के सिविल अस्पताल के बाहर निहंग सिंहों और समर्थकों ने डेरा डाल रखा है और वे पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े हैं।
सीबीआई की एंट्री और मानसा में गरमाई स्थिति
जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार आधी रात को ही मानसा पहुंच गई थी। स्थानीय थाने से केस की फाइलें और सबूत अपने कब्जे में लेने के बाद टीम ने रेस्ट हाउस में डेरा डाला। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी ने परिवार को पोस्टमॉर्टम के लिए मना लिया था, लेकिन इसके बावजूद अंतिम संस्कार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और परिवार ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान देने से इनकार कर दिया है।
उच्च स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बहुचर्चित मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की थी। इसके बाद पंजाब दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की गहराई से जांच कराने और न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया था। फिलहाल, केंद्रीय एजेंसी मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असल साजिश और नशा तस्करों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।





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