भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगले साल अप्रैल-मई के दौरान देश में पॉलीमर करेंसी नोटों की शुरुआत कर सकता है। यह जानकारी RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कम मूल्यवर्ग के नोट जारी किए जाएंगे, जिनका रोजमर्रा के लेन-देन में सबसे अधिक इस्तेमाल होता है।
पहले छोटे मूल्य के नोट होंगे जारी
RBI के अनुसार, पहले चरण में ₹10, ₹20 और ₹50 जैसे कम मूल्य के पॉलीमर नोट बाजार में उतारे जाएंगे। ये नोट सबसे ज्यादा प्रचलन में रहते हैं और लगातार इस्तेमाल के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलीमर तकनीक अपनाने से इन नोटों की टिकाऊ क्षमता पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएगी।
कई देशों में पहले से सफल है यह तकनीक
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे कई देशों में पॉलीमर करेंसी नोट पिछले तीन दशकों से सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे हैं। इन देशों के अनुभव को देखते हुए भारत में भी इस तकनीक को अपनाने की तैयारी की जा रही है।
पानी से नहीं होंगे खराब, छपाई का खर्च भी घटेगा
पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होते हैं। ये पानी, नमी और सामान्य टूट-फूट से आसानी से प्रभावित नहीं होते। इसके अलावा इनकी उम्र अधिक होने से बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता कम पड़ेगी, जिससे सरकार और RBI की छपाई लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।





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