Sat, 01 Aug 2026
G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।

1 अगस्त का बड़ा अपडेट: गैस सिलेंडर के दाम घटे, CKYC और रेलवे ने भी बदले नियम

1 अगस्त से आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई अहम नियम लागू हो गए हैं। तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार को राहत मिलेगी। वहीं भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। इसके अलावा CKYC 2.0 सिस्टम भी शुरू हो गया है, जबकि 3 से 5 अगस्त तक होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके फैसलों का असर लोन की EMI और FD पर पड़ सकता है।

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ सस्ता
तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में औसतन 180 रुपये तक की कटौती की है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 2,930 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 3,113.50 रुपये थी। कीमतों में कमी से होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत घटेगी। इसका फायदा ग्राहकों को भी मिल सकता है और चाय, नाश्ता, भोजन तथा शादी समारोहों की कैटरिंग पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती है।

तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम
भारतीय रेलवे ने PRS रिजर्वेशन काउंटरों पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से 1 अगस्त से टोकन आधारित व्यवस्था लागू कर दी है। अब तत्काल टिकट लेने के लिए पहले यात्रियों को टोकन लेना होगा। टोकन मिलने के बाद निर्धारित समय पर काउंटर पर पहुंचकर आसानी से टिकट बुक कराया जा सकेगा। रेलवे का मानना है कि इससे लंबी कतारें कम होंगी और यात्रियों का इंतजार भी घटेगा।

RBI की बैठक पर टिकी निगाहें
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक आयोजित होगी। बैठक के फैसलों की घोषणा 5 अगस्त को की जाएगी। फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन यदि रेपो रेट में कोई परिवर्तन होता है तो इसका सीधा असर होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन की EMI के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिटर्न पर भी दिखाई दे सकता है।

CKYC 2.0 सिस्टम हुआ लागू
1 अगस्त से सेंट्रल नो योर कस्टमर (CKYC) 2.0 का अपग्रेडेड सिस्टम भी लागू हो गया है। नए सिस्टम के तहत बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़ी संस्थाएं ग्राहक की अनुमति मिलने पर एक ही सरकारी डेटाबेस से KYC जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। इससे बार-बार KYC कराने की जरूरत कम होगी और डेटा पहले के मुकाबले अधिक सुरक्षित तथा सटीक रहेगा।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 190228