पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यह चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच पंजाब के राजनीतिक हालात को लेकर अहम बैठक हुई है।
वड़िंग के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं चन्नी
सूत्रों का दावा है कि पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, राजा वड़िंग के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं। बताया जा रहा है कि रंधावा पहले भी अप्रत्यक्ष रूप से राजा वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं।
संगठन और विधायकों के समर्थन को लेकर अलग-अलग तस्वीर
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान को मिली रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जहां प्रदेश के 23 जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के समर्थन में हैं, वहीं 117 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ चुके या जीत चुके 90 से अधिक नेताओं का झुकाव चरणजीत सिंह चन्नी के पक्ष में बताया गया है। इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है।
हाईकमान के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती
हालांकि भूपेश बघेल पहले सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि कांग्रेस हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा और राजा वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने के लिए नेतृत्व स्तर पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसा होता है तो राजा वड़िंग स्वयं भी पार्टी हित में पद छोड़ सकते हैं।
हालांकि यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी चरणजीत सिंह चन्नी या सुखजिंदर सिंह रंधावा को सौंपने के पक्ष में नहीं है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है।
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