Thu, 22 Oct 2026
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बारिश से राहत नहीं, अब उमस करेगी परेशान; पंजाब में मानसून की गतिविधियां कमजोर

पंजाब में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार राज्य के कई हिस्सों से मानसूनी बादल छंट गए हैं। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और हिमाचल प्रदेश से सटे इलाकों में बादलों का घनत्व अधिक दिखाई दे रहा है, जबकि जालंधर, लुधियाना, कपूरथला और नवांशहर में भी बादलों की हल्की पट्टी बनी हुई है।

इसके विपरीत बठिंडा, मानसा, मुक्तसर और फाजिल्का जैसे मालवा क्षेत्र के जिलों में बादल लगभग गायब नजर आ रहे हैं। मंगलवार सुबह मोहाली और जालंधर में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हुई, लेकिन इसके बाद मौसम सामान्य हो गया और बारिश की गतिविधियां थम गईं।

18 जुलाई तक कमजोर रह सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 13 से 18 जुलाई के बीच पंजाब में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। बारिश कम होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी पंजाब के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। केवल सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी भी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया है।

हिमाचल में सामान्य से 40 फीसदी अधिक बारिश
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में जुलाई के शुरुआती दिनों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 1 से 12 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य रूप से 85.6 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 119.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यानी अब तक सामान्य से करीब 40 प्रतिशत अधिक बारिश हो

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