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गुरदासपुर के कलानौर स्थित मुल्तानी अस्पताल में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। काउंटर इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान धर्मिंदर उर्फ तिंडी के रूप में हुई है, जो कलानौर के अगवान गांव का निवासी बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फिरौती की मांग पूरी न होने के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
15 मिनट तक अस्पताल के बाहर घूमता रहा आरोपी
जांच में पता चला है कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी करीब 15 मिनट तक अस्पताल के बाहर मौजूद रहा। उस समय ओपीडी के बाहर काफी भीड़ थी। भीड़भाड़ को देखते हुए आरोपी इमरजेंसी वार्ड की ओर चला गया, जहां अपेक्षाकृत कम लोग मौजूद थे। इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकलते ही उसने ग्रेनेड फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
NDPS एक्ट के मामलों में पहले भी रहा शामिल
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार आरोपी धर्मिंदर के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने यह हमला किसी के इशारे पर किया या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियों को इस मामले में कई अहम खुलासों की उम्मीद है।
2 जून को हुआ था धमाका, दहशत में आए लोग
मंगलवार 2 जून को दोपहर करीब 3 बजे मुल्तानी अस्पताल में जोरदार धमाका हुआ था। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि अस्पताल की खिड़कियों और दरवाजों के शीशे टूट गए। घटनास्थल पर बम के छर्रों के निशान भी मिले थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। धमाके के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
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