जालंधर वेस्ट में लगातार बढ़ता नशा युवाओं को ऐसे दलदल में धकेल रहा है, जहां से बाहर निकलना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इस भयावह स्थिति के कारण पहले भी कई परिवारों के घरों के चिराग बुझ चुके हैं और आने वाला समय भी चिंताजनक दिखाई दे रहा है। यह विचार कांग्रेस पार्टी की शिकायत निवारण कमेटी के चेयरमैन एवं जालंधर वेस्ट के टकसाली परिवार से संबंधित युवा नेता इंजी. अरुण रत्न ने अपने एक वक्तव्य में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का “युद्ध नशे विरुद्ध” अभियान केवल एक नारा बनकर रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। आज नशा समाज और विशेषकर युवाओं को खोखला कर रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में असफल साबित हो रही है।
अरुण रत्न ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज के सभी वर्ग मिलकर इस समस्या के खिलाफ आवाज उठाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस दलदल में गिरने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द लोगों के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर सबसे पहले इस भयानक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही जो युवा पहले से नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके इलाज और पुनर्वास के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
अंत में उन्होंने कहा कि युवा ही किसी भी देश और समाज की असली ताकत होते हैं, इसलिए उन्हें बचाना और सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी

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