विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
आज की गुस्ताख़ी
14.04.2026
मैंने रमन से पूछा-
'सेठ करोडीमल की मृत्यु पर
तुम इतना भाव में क्यों बहे हो ?
क्या वो तुम्हारे रिश्तेदार थे
जो तुम जार-जार रो रहे हो ?"
बोला-
वह
"मेरा दिल इसी लिए तो उदास है
क्योंकि यही तो
अफसोस की बात है।" -गुस्ताख़ी
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