विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
—— गुस्ताख़ी ——
प्रेमी लड़की के बाप से बोला-
"मैं आपकी बेटी पर मरता हूँ,
पिछले पंद्रह वर्षो से
मै उसे प्यार करता हूँ ।'
बाप ने गम्भीरता से कहा-
'आप जिंदगी से तो नहीं हारे हैं,
फिर मेरे पास क्यों पधारे है ।'
प्रेमी ने जवाब दिया-
'जी, मैं आपसे गुस्ताखी करने आया हूँ
आपकी बेटी से
विवाह करने का प्रस्ताव लाया हूँ ।'
बाप ने ठण्डी साँस छोड़ते हुए कहा-
"यह तो तुम अच्छा प्रस्ताव लाए हो,
मैने समझा था
कि कहीं तुम पैशन माँगने आए हो ।' - गुस्ताख़
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