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भारत ने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद के भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को बुरी तरह हराकर न केवल ट्रॉफी जीती, बल्कि लगातार दो बार विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल किया। इसके साथ ही भारतीय टीम ने वह कारनामा कर दिखाया जो अब तक कोई भी मेजबान देश नहीं कर पाया था—अपनी ही सरजमीं पर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाना।
भारतीय बल्लेबाजों का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
मैच की शुरुआत न्यूजीलैंड के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले से हुई, जो उनके लिए काफी महंगा साबित हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे विशाल स्कोर खड़ा करते हुए 255 रन बनाए। टीम की इस ऐतिहासिक पारी के सूत्रधार संजू सैमसन रहे, जिन्होंने फाइनल मैच का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर (89 रन) बनाया। सलामी जोड़ी ने भी टीम को आक्रामक शुरुआत दी, जिसमें ईशान किशन ने 54 और अभिषेक शर्मा ने 52 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। पारी के अंतिम क्षणों में शिवम दुबे ने महज 8 गेंदों पर 26 रन कूटकर स्कोर को 250 के पार पहुंचा दिया। न्यूजीलैंड की ओर से जिमी नीशम ही कुछ हद तक सफल रहे, जिन्हें 3 विकेट हासिल हुए।
कीवी बल्लेबाजों का समर्पण और भारत की बड़ी जीत
256 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक फील्डिंग के सामने कीवी बल्लेबाज बेबस नजर आए। टीम के लिए टिम साइफर्ट ने 52 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रनों का संघर्षपूर्ण योगदान दिया, लेकिन इनके अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। पूरी कीवी टीम 19 ओवरों में महज 159 रनों पर ढेर हो गई। रनों के अंतर के लिहाज से यह टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल की अब तक की सबसे बड़ी जीत है, जिसने भारतीय फैंस को जश्न मनाने का एक सुनहरा मौका दे दिया है।



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