श्री हनुमान जी महाराज सारे संताप नष्ट करने की कृपा करेंll
पिंग नयन, भृकुटी कराल रसना दसनानन ।
कपिस केस, करकस लँगूर, खल-दल बल भानन ।।
कह तुलसिदास बस जासु उर मारुतसुत मूरति बिकट ।
संताप पाप तेहि पुरुष पहिं सपनेहुँ नहिं आवत निकट ।।
:?योगिराज रमेश जी महाराज


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